माइग्रेन का दर्द दूर करने के 10 घरेलू नुस्खे

विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार दुनिया भर में 20 सबसे अक्षम चिकित्सा स्थितियों में से एक माइग्रेन का सिरदर्द भी है।

माइग्रेन होने पर सिर के एक भाग में अत्यधिक दर्द होता है और यह बढ़ता ही चला जाता है। एक बार में यह दर्द 4 से 72 घंटे का हो सकता है।

माइग्रेन के लक्षण अलग-अलग लोगों में अलग-अलग पाए जाते हैं। लेकिन ज्यादातर लोगो में कुछ शुरुआती लक्षण जैसे आँखों के आगे धब्बे छाना, प्रकाश कि चमक और आवाज के प्रति संवेदनशीलता आना या यह सहन न होना, हाथ-पैरों में झुनझुनी महसूस होना, जी मचलना और उल्टी आना) आदि होते हैं।

माइग्रेन का अटैक आने के कुछ दिन पहले कुछ संकेत जैसे चिड़चिड़ापन, गर्दन में कठोरता या जकड़न होना, कब्ज, बार-बार जंभाई और आलस्य आना और बार-बार भूख लगना आदि हो सकते हैं।

लगभग 75 प्रतिशत माइग्रेन के मरीजों में यह समस्या उनके परिवार में लम्बे समय चलती आ रही होती है। लेकिन इसके होने का सबसे मुख्य कारण दिमाग में केमिकल परिवर्तन होना होता है।

माइग्रेन को शुरू करने वाले संभावित ट्रिगर निम्न हैं – एलर्जी, डिप्रेशन, धूम्रपान, शराब का सेवन, कठोर गंध, अनियमित खानपान, डिहाइड्रेशन, अनियमित नींद, लो ब्लड शुगर और हार्मोनल उतार चढ़ाव.

हालांकि माइग्रेन के लिए कोई ज्ञात इलाज नहीं है, लेकिन कुछ घरेलू उपचारों को अपनाकर आप इसके दर्द से राहत पा सकते हैं और इसके होने कि frequency को कम कर सकते हैं।

यहाँ पर माइग्रेन के दर्द का इलाज करने के लिए 10 सबसे कारगर घरेलू उपचार दिए रहे हैं –

1. सेब का सिरका (Apple Cider Vinegar)

पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण, सेब का सिरका माइग्रेन को कम करने में मदद करता है। साथ ही, यह शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने की प्रक्रिया को बढ़ाता है, ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है, उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करता है, हड्डियों के दर्द को कम करता है, मोटापा कम करता है और कब्ज में राहत देता है

  • एक बड़ी चम्मच आर्गेनिक सेब के सिरके को एक गिलास पानी में घोलें।
  • अब ऊपर से एक चम्मच शहद मिला दें।
  • माइग्रेन को रोकने और ठीक करने के लिए इसका रोज सेवन करें।

आप धीरे-धीरे सेब के सिरका कि मात्रा को और बढ़ा सकते हैं। जब भी आपको लगे कि आपको माइग्रेन का अटैक आने वाला है तो सेब के सिरका कि मात्रा दो बड़ी चम्मच कर दें।

2. आइस पैक

टेंशन और माइग्रेन के दर्द से छुटकारा पाने के लिए आइस पैक का इस्तेमाल सबसे प्रचलित और काफी कारगर घरेलू इलाज है। यह त्वचा को सुन्न कर देता है, जिससे दर्द का अनुभव कम हो जाता है।

  • एक साफ टॉवल में कुछ बर्फ के टुकड़े बांधकर अपने माथे, सिर और गर्दन के पीछे के हिस्से पर 10-15 मिनट के लिए रखें। जरूरत पड़ने पर इसे दोबारा करें।
  • आप एक-एक करके गीला गर्म और ठंडा कपड़ा माथे पर 15-15 मिनट के लिए रख सकते हैं। यह भी माइग्रेन के दर्द को कम करने में काफी सहायक नुस्खा है। अच्छे रिजल्ट पाने के लिए पानी में लैवेंडर आयल या पेपरमिंट आयल को मिलाकर इस्तेमाल करें।

3. पेपरमिंट

पेपरमिंट में एंटी-इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज होती हैं, जो तंत्रिकाओं को शांत करने में मदद करती हैं। साथ ही, इसके अकड़न कम करने वाले गुण और शांतिकारी प्रभाव भी होते हैं।

2008 में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ न्यूरोसाइंस में पब्लिश हुई एक स्टडी के अनुसार पेपरमिंट की खुसबू शरीर में सिरदर्द से राहत प्रदान करने वाला अनुभव प्रदान करती है।

  • रोज एक कप शहद के साथ बनी पेपरमिंट टी का सेवन करें।
  • आप अपने माथे की पेपरमिंट आयल से मालिश भी कर सकते हैं। दो-तीन पेपरमिंट आयल कि बूंदों को माथे पर डालकर मालिश करें। आप इसमें लैवेंडर आयल मिलाकर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। मालिश करने के बाद 20-30 मिनट के लिए आयल को लगा रहने दें। ऐसा दिन में तीन-चार बार करें।

4. लाल मिर्च

लाल मिर्च माइग्रेन को ठीक करने के लिए काफी कारगर घरेलू इलाज होती है, क्योंकि यह ब्लड सर्कुलेशन को उत्तेजित करके उसके फ्लो को बढ़ाती है। साथ ही, इसमें कैप्साइसिन नामक कंपाउंड होता है, जो नेचुरल दर्दनिवारक की तरह काम करता है।

  • एक कप गर्म पानी में एक चम्मच लाल मिर्च मिलाएं।
  • वैकल्पिक रूप से, स्वाद बढ़ाने के लिए आप इसमें निम्बू का रस और शहद भी मिला सकते हैं।
  • अब इस टी का सेवन करें।

5. कैमोमाइल टी

कैमोमाइल में एंटी-इंफ्लामेट्री, एंटीस्पास्मोडिक और शांतिदायक प्रॉपर्टीज होती हैं, जो माइग्रेन से राहत देने में मदद करती हैं। कैमोमाइल टी का नियमित सेवन करने से माइग्रेन होने कि सम्भावना भी कम हो जाती है।

माइग्रेन को ठीक करने के लिए जर्मन कैमोमाइल सबसे अधिक फायदेमंद होती है। इसलिए बाजार में खरीदते समय ‘German chamomile’ लेबल वाली खरीदें।

  • दो-तीन चम्मच कैमोमाइल को एक कप गर्म में डालकर 5-10 मिनट के लिए उबालें। आप इसमें थोड़ा सा निम्बू का रस और शहद भी मिला सकते हैं। अब इस चाय को छानकर पियें। इसका सेवन दिन में दो-तीन बार करें।

6. अदरक

2013 में Phytotherapy Research में पब्लिश हुई एक रिसर्च के अनुसार, अदरक सामान्य माइग्रेन के इलाज में काफी अहम भूमिका निभा सकता है।

अदरक प्रोस्टाग्लैंडिंस को ब्लॉक करता है। प्रोस्टाग्लैंडिंस एक प्रकार के केमिकल्स होते हैं, जो मांसपेशी संकुचन को बढ़ाते हैं, हॉर्मोन्स को प्रभावित करते हैं और दिमाग के रक्त कणों में इन्फ्लामेशन को नियंत्रित करते हैं। नॉन-स्टेरॉइडल एंटीइंफ्लामेटरी ड्रग्स (NSAIDs) के इस्तेमाल से भी इस केमिकल के प्रोडक्शन को कम किया जा सकता है।

  • अदरक कि चाय का दिन में दो-तीन बार सेवन करें।
  • या फिर, कच्चे अदरक को स्लाइसेस में काटकर चबाएं। यह जी मचलने और अपच को ठीक करेगा।

7. फीवरफ्यू

फीवरफ्यू एशिया और यूरोप में पाया जाने वाला एक जंगली सुगन्धित पौधा होता है, जिसका इस्तेमाल सिर दर्द के इलाज में सदियों से किया जाता आ रहा है।

इसमें पार्थेनोलाइड नामक कंपाउंड होता है जो मांसपेशियों के नरम ऊतकों में ऐंठन को कम करता है और इन्फ्लेमेशन को रोकता है।

  • एक कप पानी में एक-एक चम्मच सूखा पेपरमिंट और फीवरफ्यू की पत्तियों को डालकर 30 मिनट के लिए गर्म करें। अब इस चाय को छानकर सेवन करें। इसका सेवन दिन में दो-तीन बार करें जब तक कि सिरदर्द पूरी तरह से ठीक न हो जाये।
  • आप रोज फीवरफ्यू कि पत्तियों को खा भी सकते हैं या इसके कैप्सूल (50 से 100 mg रोज) का सेवन भी कर सकते हैं। सप्लीमेंट लेने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

8. मालिश

सिर की मालिश करने से भी माइग्रेन के दर्द को कम करने में सहायता मिलती है, क्योंकि यह दर्द के सिग्नल्स को दिमाग तक जाने से रोकती है।

यह सेरोटोनिन एक्टिविटी को भी बढ़ा देती है और कुछ सेरेटोनिन रिसेप्टर्स को उत्तेजित करती है, इससे माइग्रेन के लक्षण और आवृत्ति में कमी आती है।

2006 में Annals of Behavioral Medicine में पब्लिश हुईएक स्टडी के अनुसार मसाज थेरेपी माइग्रेन के इलाज में काफी मदद करती है।

  • अपने दोनों हाथों की शुरू की दो उँगलियों से अपने सिर की धीरे-धीरे सर्कुलर मोशन में मालिश करें। हमारे सिर में तीन जगह प्रेशर पॉइंट्स होते हैं, जिनको ठीक से दबाने पर दर्द में काफी राहत मिलती है। वह तीन प्रेशर पॉइंट्स हैं – खोपड़ी के नीचे का आधार, माथे के बीच में (भौहों के ठीक बीच में) और आँखों के कोनों में।
  • आप मालिश के लिए आयल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। दो चम्मच तिल के तेल को गर्म करें और ऊपर से डेढ़-डेढ़ चम्मच दालचीनी और इलायची का पाउडर डालकर पेस्ट बना लें। अब इस पेस्ट को अपने माथे पर लगाकर मालिश करें। फिर कुछ घंटों के लिए इसे लगा रहने दें और फिर धो लें।

नियमित मालिश करने माइग्रेन कि आवृत्ति और अवधि में भी कमी आती है।

9. सेब

माइग्रेन के शुरुआती लक्षण दिखने पर एक सेब का सेवन भी काफी लाभ देता है। साथ ही, शोधों से पता चला है कि हरे सेब कि खुशबू से माइग्रेन की गंभीरता और आवृत्ति में कमी आती है।

10. कॉफ़ी

एक कप कॉफ़ी का सेवन भी माइग्रेन के लक्षणों को कम करने में मदद करता है। इसमें कैफीन होता है जो माइग्रेन पैदा करने वाले कुछ रिसेप्टर्स को ब्लाक करता है।

अच्छा रिजल्ट पाने के लिए कॉफ़ी में कुछ बूंदे नींबू के रस की डालकर सेवन करें।

सावधानी: कुछ लोगों में कैफीन माइग्रेन को शुरू कर सकता है। साथ ही, अत्यधिक कैफीन के सेवन से उल्टा असर हो सकता है और आपकी स्थिति और ज्यादा बिगड़ सकती है। इसलिए कॉफ़ी का सेवन करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।

माइग्रेन को ठीक करने के लिए ऊपर दिए गए इलाजों को नियमित अपनाएं और साथ ही कुछ मसल्स रिलैक्सेशन एक्सरसाइज जैसे योग और मैडिटेशन करें। इसके आलावा पूरी नींद लें, कम कार्बोहाइड्रेट्स और ज्यादा प्रोटीन वाले भोजन का सेवन करें और खूब पानी पियें।

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