प्रोस्टेट कैंसर होने के 7 लक्षण

प्रोस्टेट कैंसर पुरुषों में दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला सामान्य कैंसर है, पहला है मेलेनोमा स्किन कैंसर। अमेरिका के CDC संसथान के अनुसार यह पुरुषों में कैंसर के कारण होने वाली मृत्यु में सबसे पहले स्थान पर है।

प्रोस्टेट कैंसर प्रोस्टेट ग्लैंड में शुरू होता है। प्रोस्टेट ग्लैंड ब्लैडर के नीचे, गुदा के आगे और मूत्रमार्ग के ऊपरी भाग में उपस्थित होती है। यह मूत्राशय को नियंत्रित करने में मदद करती है और वीर्य पैदा करती है जो शुक्राणुओं को पोषण प्रदान करता है और उनके ट्रांसपोर्ट में मदद करता है।

हालाँकि प्रोस्टेट कैंसर होने का सही कारण तो अभी तक अज्ञात है, लेकिन कुछ फैक्टर्स कैंसर होने की सम्भावना को बढ़ा देते हैं। कुछ रिस्क फैक्टर्स निम्न हैं –

  • उम्र (Age): प्रोस्टेट कैंसर मुख्य रूप से 50 से अधिक उम्र के पुरुषों में होता है और उम्र बढ़ने के साथ-साथ इसके होने की सम्भावना भी बढ़ती जाती है।
  • फैमिली हिस्ट्री: जिन पुरुषों के परिवार में पहले किसी पुरुष को प्रोस्टेट कैंसर हो चुका है, उनमें यह होने की सम्भावना ज्यादा होती है।
  • एथनिसिटी: काली एथनिसिटी के लोगों (अफ्रीकी) में प्रोस्टेट कैंसर होने की सम्भावना अन्य लोगों से ज्यादा होती है।
  • व्यायाम की कमी: व्यायाम और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण भी इस बीमारी के होने की सम्भावना बढ़ जाती है।
  • उच्च टेस्टोस्टेरोन का स्तर: जो पुरुष टेस्टोस्टेरोन थेरेपी का इस्तेमाल करते हैं उन्हें भी प्रोस्टेट कैंसर होने की सम्भावना ज्यादा होती है।
  • अनियमित खानपान – कुछ खाद्य पदार्थ जैसे दुग्ध उत्पाद, हाई-कैल्शियम डाइट, प्रोसेस्ड और रेड मीट, सैचुरेटेड फैट, शराब और विटामिन सी के सप्लीमेंट का अत्यधिक सेवन करने से प्रोस्टेट कैंसर होने की सम्भावना बढ़ जाती है।

प्रोस्टेट कैंसर अक्सर धीरे-धीरे बढ़ता है इसलिए हो सकता है इसके लक्षण कई सालों तक न दिखें। असल में, प्राथमिक अवस्था में प्रोस्टेट कैंसर के कोई लक्षण ही नहीं होते। इसके लक्षण तभी दिखाई देना शुरू होते हैं जब यह इतना बढ़ा हो जाये कि मूत्रमार्ग पर प्रेशर डालने लगे।

इसी तरह, यदि कैंसर प्रोस्टेट ग्लैड के बाहरी हिस्से में हो और मूत्रमार्ग के दूसरी और हो, तो हो सकता है कि इसके कोई लक्षण ही दिखाई न दें।

यह हमेशा ध्यान रखें कि प्रोस्टेट की साइज का बढ़ा होने का यह मतलब नहीं कि वह कैंसर ही हो। उम्र बढ़ने के साथ-साथ प्रोस्टेट की साइज भी बढ़ सकती है और इस कंडीशन को बिनाइन प्रोस्टेटिक हाइपरप्लासिया (BPH) कहा जाता है। BPH के कारण कैंसर नहीं होता लेकिन कुछ मामलों में यह कैंसर सेल्स को धारण जरूर कर सकता है।

इसके आलावा, प्रोस्टेट में ग्रोथ और कैंसर मुक्त ट्यूमर होने पर भी प्रोस्टेट कैंसर की तरह लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

प्रोस्टेट कैंसर और इसके लक्षणों की उचित जानकारी रखकर, आप इसका समय पर इलाज करा सकते हैं और इसके भयानक परिणामों से बच सकते हैं।

यहाँ पर प्रोस्टेट कैंसर होने के लक्षण और संकेत दिए जा रहे हैं –

1. मूत्राशय में बदलाव या परेशानी महसूस होना

चूँकि प्रोस्टेट ग्लैंड मूत्राशय और मूत्रमार्ग के काफी निकट होती है, इसलिए इसमें होने वाले बदलावों का सीधा असर हमारी मूत्र प्रणाली पर पड़ता है। आकार और स्थान के आधार पर, प्रोस्टेट का ट्यूमर मूत्रमार्ग को दबा सकता है या सिकोड़ सकता है जिसके कारण हमें निम्न परेशानियाँ और बदलाव दिखाई दे सकते हैं –

  • पेशाब करने में परेशानी होना या पेशाब को शुरू और बंद करने में तकलीफ होना।
  • पेशाब करते समय जलन होना।
  • बार-बार पेशाब लगना, खासतौर से रात के समय।
  • पेशाब पर नियंत्रण न रहना, जिसके कारण पेंट में ही पेशाब का निकल जाना।
  • पेशाब करने के बाद भी ऐसा लगना कि अभी पूरी तरह से पेशाब नहीं हुई।

2. पेशाब में रक्त आना

पेशाब में रक्त ज्यादातर मूत्राशय में इन्फेक्शन के कारण आता है, साथ ही यह एडवांस्ड प्रोस्टेट कैंसर होने का संकेत भी हो सकता है। दुर्भाग्य से, यह लक्षण प्रोस्टेट कैंसर की शुरुआती स्टेज में दिखाई नहीं देता।

जब ट्यूमर बढ़ा होने लगता है, तो यह मूत्रमार्ग पर दबाव डालने लगता है जिससे मूत्र के प्रवाह में अवरुद्ध पैदा होने लगता है और दबाव के कारण ऊतक फटने लगते हैं। इसके पेशाब में रक्त आना शुरू हो जाता है।

पेशाब में रक्त आने के कई और कारण भी हो सकते हैं जैसे मूत्राशय, किडनी या पेट का कैंसर, इसलिए सबसे पहले अपने डॉक्टर से जाँच कराकर इसके सही कारण को जानें।

3. यौन रोग

पुरुषों की प्रजनन प्रणाली में प्रोस्टेट ग्लैंड की एक अहम भूमिका होती है, इसलिए प्रोस्टेट ग्लैंड में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर कई यौन समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

प्रोस्टेट कैंसर होने पर आपको स्खलित होने में परेशानी होगी और स्खलन के समय दर्द होगा। जब कैंसर अपनी एडवांस्ड स्टेज में होता है, तो वीर्य में रक्त भी आ सकता है।

चूँकि उम्र बढ़ने के साथ-साथ पुरुषों की यौन शक्ति में भी कमी आती है, इसलिए वह इस समस्या को नजरंदाज कर देते हैं। लेकिन आप इस लक्षण को हल्के में न लें और तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें। विभिन्न टेस्ट से यह पता चल जायेगा कि आपको यह लक्षण कैंसर के कारण हैं या नहीं।

4. लगातार दर्द रहना

जब प्रोस्टेट कैंसर फैलकर हड्डियों तक पहुँच जाता है तो आपको प्रोस्टेट के आसपास लगातार दर्द रह सकता है। यह दर्द एक साथ अलग-अलग जगह पर भी हो सकता है। दर्द की तीव्रता कैंसर की ग्रोथ और साइज पर निर्भर करती है।

प्रोस्टेट कैंसर के मरीजों को कूल्हों में, कमर के निचले हिस्से में और जांघों के ऊपरी भाग में निरंतर और अत्यधिक दर्द रह सकता है।

इसलिए यदि आपको हल्का या अधिक कैसा भी दर्द हो, तुरंत डॉक्टर से जाँच कराएँ।

5. पैरों में कमजोरी और जकड़न महसूस होना

दर्द के साथ-साथ आपको अपने पैरों और गुप्तांगो में सूजन और कमजोरी भी महसूस हो सकती है। साथ ही आपको कूल्हों और पैरों में जकड़न और सुन्नता का अनुभव भी हो सकता है।

कुछ लोग पेशाब और मल पर अपना नियंत्रण भी खो सकते हैं।

ऐसा तब होता है जब कैंसर तंत्रिका तंत्र तक फैल जाता है और उसपर प्रेशर डालने लगता है।

6. अचानक वजन कम होना

अचानक वजन कम होना भी किसी भी प्रकार के कैंसर होने का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

वजन तब कम होता है जब कैंसर लिवर तक पहुँच जाता है और इसके कामकाज में बाधा डालने लगता है। लिवर भूख को नियंत्रित करता है और विषाक्त पदार्थों को शरीर से बाहर निकालता है।

यदि आप कोई भी एक्सरसाइज या डाइटिंग नहीं कर रहे हैं, और फिर भी आपका वजन लगातार घटता जा रहा है, तो तुरंत इसकी जाँच कराकर सही कारण का पता लगायें।

7. थकान

अत्यधिक कमजोरी और थकान महसूस होना भी प्रोस्टेट कैंसर का शुरुआती लक्षण हो सकता है।

यदि पूरी नींद या रेस्ट लेने के बाद भी आपको निरंतर थकान और कमजोरी महसूस होती है, तो आपको कैंसर की बीमारी हो सकती है।

इसलिए ऐसी परिस्थिति में भी तुरंत डॉक्टर को मिलें।

महत्वपूर्ण नोट:

डॉक्टर्स के मुताबित यदि आपकी उम्र 50 साल से ऊपर है, तो आप नियमित रूप से अपने प्रोस्टेट की जाँच कराते रहें। क्योंकि कई मामलों में प्रोस्टेट कैंसर के शुरुआती लक्षण दिखाई नहीं देते और इसका तब पता चलता है जब यह काफी गंभीर रूप ले लेता है।