20 फ़ायदे नमाज पढ़ने के - 20 Benefits of Namaj


क्याआप जानते हैं कि नमाज पढ़नेके फायदे क्या क्या हैं? इस्लाम धर्म के मानने वालोंको नमाज पढ़ना क्यों जरुरी है? नमाज आयी कहाँ से? नमाज को हज़रत मुहम्मदसल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम ने अपने आँखों की ठंडक क्यों कहा ? यदि आप आप ये सारी बातें और 20 फायदे नमाज पढ़ने के नहीं जानते हैं, तो आगे जरूर पढ़िए।

20 फ़ायदे नमाज पढ़ने के - 20 Benefits of Namaj


अल्लाह तआला ने इंसान को क्यों पैदा किया ?​

अल्लाहतआला ने इंसान औरजिन्नात को अपनी इबादतके लिए पैदा किया। इंसान को मिट्टी सेबनाया और जिन्नात कोआग से। इंसानो को जिंदगी कैसेबसर करनी है ये अल्लाहने अपने प्यारे रसूल मुहम्मद सल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम की जिंदगी कोनमूना बना कर दिखा दिया।इसलिए हर मोमिन कोचाहिए की नबी करीमसल्लल्लाहु अलैहिवसल्लम के नक़्शे क़दमपर जिंदगी जीने की भरसककोशिश करे।


नमाज कहाँ से आया ?​

मेराज​

नबूवत के कुछ साल बाद हज़रत मुहम्मद सल्ललाहु अलैहिवसल्लम के मक्की जिंदगी में ही मेराज की अद्भुत घटना घटी।

अल्लाह तआला का अपने प्यारेरसूल से सातवें आसमानपर मिलना मेराज कहा जाता है।

आप सल्ललाहु अलैहिवसल्लमको जिस्म के साथ बुराक़पर बैठा कर हज़रत ज़िब्रईल अलैहिस्सलाम मस्जिदे हराम से बैतूल मुक़द्दसले गए।

वहां आपने नबियों की इमामत करते हुए नमाज पढाई।

उसी रात आपको बैतूल मुक़द्दस से आसमानी दुनिया में ले जाया गया।

अंत में आप को अल्लाहतआला का दीदार कराया गया।

इसी वक़्त अल्लाह ने आपकी उम्मत के लिए 50 बार नमाज़ फ़र्ज़ किया।

हज़रत मूसा अलैहिवसल्लम के कहने पर आपने अल्लाहतआला से 50 वक़्तकी नमाज को कम कराकर 5 वक़्त कराया।

मेराज के इस सफरके बाद से ही हज़रतमुहम्मद सल्ललाहु अलैहिवसल्लम के उम्मत पर दिन भरमें 5 बार नमाजफ़र्ज़ हुई।

नमाज के 20 फ़ायदे​

  1. क़यामतमें सबसे पहले नमाज का ही हिसाबहोगा। जिसकी नमाज़ अच्छी होगी वह कामयाब होगा।
  2. क़ब्र की जिंदगी आसानहोगी ।
  3. नमाज़हर मुसलमान पर फ़र्ज़ है।नमाज पढ़ने से फ़र्ज़ अदाहोगी औरये एक बड़ी बातहोगी।
  4. नमाज़बुराई से रोकती है।
  5. नमाजमोमिन का नूर है।
  6. नमाज़शैतान का मुंह कालाकरती है।
  7. नमाज़ जन्नत की कुंजी है।अगर वक़्त की पाबन्दी केसाथ ठीक तरीके से नमाज पढ़ीजाये, शिर्क से बचा जायेतो एक सच्चा नमाजीजन्नत का हक़दार होजाता है।
  8. नमाज़अल्लाह को राज़ी करनेका एक मजबूत जरियाहै।
  9. अल्लाहने नमाजी के सज़दे वालीजगह पर जहन्नम कीआग को हराम क़रारदिया है।
  10. नमाजीजब नमाज के लिए घरसे निकलता है तो उसकेहर क़दम पर एक नेकीलिखी जाती है।
  11. नमाजप्यारे नबी सल्लाहु अलेहीवसल्लम के आँखों कीठंडक है।नमाज हर मुत्तक़ी कीक़ुरबानी है।
  12. नमाजदीन का सुतूनहै।
  13. नमाजइस्लाम की अलामत है।
  14. नमाजअल्लाह से बात चीतका जरिया है।
  15. नमाजअपनी जरूरतों के लिए अल्लाहसे इल्तजा का जरिया है।
  16. नमाजगुनाहों से बखशीस काभी जरिया है।
  17. नमाजमुश्किलों को आसान करनेका जरिया है।
  18. नमाजदुनियावी जिंदगी में शुकून का जरिया है।
  19. नमाजज़ालिमों से हिफाजत के लिए ढाल है।
  20. नमाज दुनिया और आखरत में क़ामयाबी का जरिया है।

नमाज का बदला जन्नत है​

अल्लाहतआला बहुत ही रहीम औरक़रीम है।

उसने अपने उन बन्दों परबेशुमार रहमतों, इनामों का वादा कर रखा हैजो अपनी जिंदगी सुन्नत तरीके पर अल्लाह कीरज़ा के मुताबिक गुजारेंगे।

अल्लाह ने अपने फर्माबरदारनेक बन्दों के लिए जन्नतका वादा किया है और नाफ़रमानबन्दों के लिए जहन्नमका।

आमाल (कर्म) के मुताबिक़ अल्लाहने रिजल्ट पहले ही बता दियाहै। अब आपकी मर्ज़ी।

आप खुद तय कर लेंकि दुनियावी जिंदगी के बाद आपहमेशा के लिए जन्नतमें रहना चाहेंगे कि जहन्नम में।

यदि जन्नत चाहिए तो अपने गुनाहों से तौबा करके नमाज की पाबन्दी आज से और अभी से शुरू कर दीजिये।

इसे अपने सभी लोगों के साथ शेयर करें जिससे दूसरे मोमिन भी फायदा उठा सकें।
 
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