Virtual Memory in O/S in Hindi

जब एक Program के data तथा files को secondary memory (RAM) में store किया जाता तथा जब उनकी जरुरत पडती है तब उनको main memory में से secondary memory (RAM) में लोड करना, यह virtual memory का काम है।

यह memory हमारे computer system को ऐसा बना देती है कि जो systems की phisical memory होती है उससे ज्यादा हमें लगने लगती हैं। अर्थात virtual memory system की physicaly रूप से बड़ा कर देती है।

मान ले की आप एक से ज्यादा application अपने system पर use करते है। और आपके system की ram कम होने पर उन को open नहीं होने देता है तो हम इस problem को virtual memory की साहयता से हल कर सकते है।

Virtual memory आपके computer की Ram की कमी को पूरा करने में सहायक होता है। जब आप एक साथ कई application अपने system पर खोलते है तो ram memory के कम होने के कारण Crash हो जाती है, लेकिन virtual memory आपके computer को ये अनुमति देता है की वो अस्थायी रूप से data के page की memory ram से hard disk में transfer कर दे, computer ram से उन program को hard disk में copy कर देता है। जो अभी प्रयोग में नहीं आने वाले हैं। जिससे ram में space खाली होता है और नयी application load हो पाती है।

Virtual Memory की स्पीड (Speed) कैसे बढाये?​

Virtual memory को speed-Up करना बहुत आसान है, सबसे पहले इसके लिए हम control panel open करेगे,

2 step: फिर system and security पर click करे और उसके बाद system पर click करे।

3 step: उसके बाद advanced system settings पर click करे।

4 step: System properties का window open होगा, इसमें advanced पर click कीजिये।

5 step: उसके बाद performance की setting पर click करे, performance options का window open होगा, इसमें advanced पर click कीजिये।

6 step: Virtual memory के change पर click करे, virtual memory का window open होगा।

7 step: अब automatically manage paging file size for all drives के सामने बने check box को uncheck कीजिये।

8 step: इसके बाद custom size पर click करे। यहाँ आपको minimum और maximum size-(MB) बताना होगा ये size RAM पर depend करता है, जो यह हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है।

9 step: जैसे माना की हमारे पास 4 gb ram है तो हमारा minimum 8192mb और maximum size 9192Mb होगा, इसके बाद apply पर click करके okay पर click करे, अब आप अपने कंप्यूटर को restart करके उसे दोबारा उसे use कर सकते है।

Virtual memory का बड़ा फायदा (benifit) यह है। कि programmers बड़े program को भी आसानी से लिख (write) सकते है क्योंकि physical memory की तुलना में virtual memory बहुत large होती है।
 

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