How did America lose the war to Vietnam? - वियतनाम से अमेरिका युद्ध कैसे हार गया

अमेरिका इतना बड़ा और शशक्त होने के बावजूद वियतनाम से पराजीत कैसे हो गया ।

अमेरिकी स्व-शासित क्षेत्र प्रशान्त महासागर और कॅरीबियाई सागर में बिखरें हुएँ हैं। 98 लाख km2 और 32.4 करोड़ से अधिक जनसंख्या के साथ, संयुक्त राज्य अमेरिका क्षेत्रफल के अनुसार विश्व का तीसरा सबसे बड़ा (और भूमि क्षेत्रफल के अनुसार, चौथा सबसे बड़ा) देश हैं।

जबकि वियतनाम एक छोटा सा देश है ,इसके उत्तर में चीन, उत्तर पश्चिम में लाओस, दक्षिण पश्चिम में कंबोडिया और पूर्व में दक्षिण चीन सागर स्थित है। और इसका क्षेत्रफल 3.39 लाख km2 और जनसंख्या 9 करोड़ इसके वासजूद वियतनाम ने अमरीका जैसे देश को को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया था।

वियतनाम विश्व का एक छोटा सा देश है। जिसने अमेरिका जैसे बड़े बलशाली देश को झुका दिया। लगभग 20 वर्षों तक चले युद्ध में अमेरिका पराजित हुआ। अमेरिका पर विजय के बाद वियतनाम के राष्ट्राध्यक्ष से एक पत्रकार ने एक सवाल पूछा...

जाहिर सी बात है कि सवाल यही होगा कि आप युद्ध कैसे जीते या अमेरिका को कैसे झुका दिया... ??

पर उस प्रश्न का दिए गए उत्तर को सुनकर आप हैरान रह जायेंगे और आपका सीना भी गर्व से भर जायेगा।

दिया गया उत्तर पढ़िये...!!


महाराणा प्रताप के चरित्र से मिली प्रेरणा से वीयतनाम अमेरिका से युद्ध मे विजयी हुआ था​

सभी देशों में सबसे शक्तिशाली देश अमेरिका को हराने के लिए मैंने एक महान व श्रेष्ठ भारतीय राजा का चरित्र पढ़ा।

और उस जीवनी से मिली प्रेरणा व युद्धनीति का प्रयोग कर हमने सरलता से विजय प्राप्त की..!!

आगे पत्रकार ने पूछा...

"कौन थे वो महान राजा?"

मित्रों जब मैंने पढ़ा तब से जैसे मेरा सीना गर्व से चौड़ा हो गया,, आपका भी सीना गर्व से भर जायेगा...!!

वियतनाम के राष्ट्राध्यक्ष ने

खड़े होकर जवाब दिया...

"वो थे भारत के राजस्थान में मेवाड़ के महाराजा महाराणा प्रताप सिंह ''

महाराणा प्रताप् का वियातनामी शिष्य

महाराणा प्रताप का नाम लेते समय उनकी आँखों में एक वीरता भरी चमक थी.. आगे उन्होंने कहा...!!

"अगर ऐसे राजा ने हमारे देश में जन्म लिया होता तो हमने सारे विश्व पर राज किया होता"

कुछ वर्षों के बाद उस राष्ट्राध्यक्ष की मृत्यु हुई तो जानिए उसने अपनी समाधि पर क्या लिखवाया......!!

यह महाराणा प्रताप के एक शिष्य की समाधि है

कालांतर में वियतनाम के विदेशमंत्री भारत के दौरे पर आए थे। पूर्व नियोजित कार्यक्रम के अनुसार उन्हें पहले लाल किला व बाद में गांधीजी की समाधि दिखलाई गई....!!

ये सब देखते हुए उन्होंने पूछा "मेवाड़ के महाराजा महाराणा प्रताप की समाधि कहाँ है?

तब भारत सरकार के अधिकारी चकित रह गए और उन्होंने वहाँ उदयपुर का उल्लेख किया.. वियतनाम के विदेशमंत्री उदयपुर गये वहाँ उन्होंने महाराणा प्रताप की समाधि के दर्शन किये...!!

समाधि के दर्शन करने के बाद उन्होंने समाधि के पास की मिट्टी उठाई और उसे अपने बैग में भर लिया,,इस पर पत्रकार ने मिट्टी रखने का कारण पूछा.

उन विदेशमंत्री महोदय ने कहा "ये मिट्टी शूरवीरों की है,, इस मिट्टी में एक महान राजा ने जन्म लिया,, ये मिट्टी मैं अपने देश की मिट्टी में मिला दूंगा ..!!

ताकि मेरे देश मे भी ऐसे वीर पैदा होते रहे।

और अपने ही देश मे इन वीरों गाथाओ न पढ़ाकर मुग़लो के इतिहास को पढ़ाया जाता रहा हैं, अत्याचारी मुग़लो को इतिहास मे चरितार्थ किया जाता हैं, पर अब वक्त बदल रहा हैं लोग जागरूक हो रहे हैं।
 
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